“कांग्रेस को बेचा गया!” – नवजोत कौर सिद्धू का Political Outburst

हुसैन अफसर
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कांग्रेस से सस्पेंड होने के बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू अब पूरी तरह no-holds-barred mode में आ चुकी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक के बाद एक पोस्ट करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर बेहद गंभीर और निजी आरोप लगाए हैं।

डॉ. सिद्धू ने वडिंग को “अब तक का सबसे नाकाबिल और भ्रष्ट PCC प्रेसिडेंट” बताते हुए दावा किया कि खुद को कानूनी मुश्किलों से बचाने के लिए कांग्रेस को अंदर से कमजोर किया गया। उनके मुताबिक, पार्टी को छोटे राजनीतिक फायदे के लिए AAP के साथ समझौते में “बेच” दिया गया।

PM Modi की तारीफ, Congress में बेचैनी

इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सियासी ट्विस्ट तब आया, जब नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ कर दी। यहीं से सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं कि क्या सिद्धू परिवार एक बार फिर BJP की ओर रुख करने जा रहा है?

यह सिर्फ गुस्सा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक पोजिशनिंग भी हो सकती है।

‘Congress अंदर से सड़ चुकी है’

डॉ. सिद्धू का आरोप है कि कांग्रेस के भीतर CM बनने की दौड़, टिकटों की कथित खरीद-फरोख्त और गुटबाजी ने पार्टी को भ्रष्ट और कमजोर बना दिया है।
उन्होंने लिखा कि वडिंग और कुछ अन्य नेता पार्टी को “टुकड़ों में बांटने” का काम कर रहे हैं और विवादित बयानों से सिर्फ खुद को बचा रहे हैं।

“मेरे पास तुम्हें बर्बाद करने के सबूत हैं”

अपने सबसे तीखे पोस्ट में नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उनके पास राजा वडिंग के खिलाफ कई ठोस सबूत हैं, लेकिन अब वह उस पार्टी के लिए लड़ना नहीं चाहतीं, “जहां काबिल लोगों की कोई सुनवाई नहीं होती।”

उन्होंने सवाल उठाया कि जिन सीनियर नेताओं ने खुलेआम पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

‘रील्स में व्यस्त नेतृत्व’

डॉ. सिद्धू ने वडिंग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “तुम एक नेता कम और सोशल मीडिया कंटेंट ज्यादा बन चुके हो।”

उनका कहना है कि कांग्रेस को जिताने के बजाय नेतृत्व पार्टी को बर्बाद करने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है।

2027 Elections से पहले नई मुश्किलें

हिंदू धर्म गुरुओं से बढ़ता संपर्क और “राष्ट्रीय पार्टी” की ओर इशारे—ये सब संकेत देते हैं कि 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। नवजोत कौर सिद्धू पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वे अब defensive नहीं, aggressive politics करेंगी।

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